मियांवाला में 8.64 करोड़ से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण

 


देहरादून, 18 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मियांवाला में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से करीब 8.64 करोड़ रुपये की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। पुराने तालाब को पुनर्जीवित कर विकसित किए गए इस पार्क में पेडल बोटिंग, आइलैंड, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क और फ्लावर गार्डन समेत विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्क प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय है। पुराने जल स्रोत का संरक्षण करते हुए उसके आसपास सुविधाएं विकसित करना पर्यावरण संरक्षण के साथ अपनी विरासत को सुरक्षित रखने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि जल और जंगल भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की भी है।

धामी ने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि लोगों का जीवन सुगम बनाना, शहर को सुंदर रखना और पर्यावरण का संरक्षण करना भी विकास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जल सृष्टि पार्क इसी सोच का उदाहरण है। पार्क में तालाब के बीच आइलैंड और पेडल बोटिंग की सुविधा को आकर्षण का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही प्राकृतिक वातावरण का आनंद मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था सुधारने तथा नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाने के कार्य किए गए हैं। पुरानी पेयजल लाइनों को बदलने और नई लाइनें बिछाने का काम भी जारी है।

उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला और नेहरू कॉलोनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण से लोगों को आसपास हरित क्षेत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला तक सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी जारी हैं।

धामी ने कहा कि देहरादून की बढ़ती आबादी को देखते हुए सौंग बांध परियोजना पर भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे भविष्य में शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। रायपुर क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए नदियों तथा बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा और चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से पार्क को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार पार्क का निर्माण और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उनकी देखभाल समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से पार्क का उपयोग योग, दौड़, खेल और प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए करने का आह्वान किया।

पार्क में जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक, चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय