उत्तराखंड में सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा, मुख्य सचिव ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

 


देहरादून, 16 जनवरी (हि.स.)। प्रदेश में सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में सेब के साथ कीवी और ड्रैगनफ्रूट के उत्पादन बढ़ाने पर मंथन किया गया।

बैठक में मुख्य सचिव ने अति सघन (हाई डेंसिटी) सेब बागानों को प्रोत्साहित करने, किसानों को क्लस्टर आधारित खेती से जोड़ने और प्रदेश की उत्पादन क्षमता का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीर्घकालिक उत्पादन लक्ष्य तय करते हुए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार और नर्सरियों के उन्नयन पर भी जोर दिया, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन क्षमता अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि “सेब की अति सघन बागवानी योजना” के तहत नवीनतम प्रजातियों के बागान बड़े पैमाने पर स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। योजना का उद्देश्य राज्य में सेब उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सेब उत्पादन क्षेत्र के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं, जो सेब के साथ-साथ कीवी और ड्रैगनफ्रूट उत्पादन को भी नई दिशा देंगी। इसके लिए अधिकारियों को सेब सहित अन्य फसलों की उत्पादन क्षमता का आकलन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनपदवार उत्पादन क्षमता के अनुसार 2030, 2040 और 2050 के लिए लक्ष्य निर्धारित कर योजनाओं को धरातल पर उतारने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने हर्षिल (उत्तरकाशी) स्थित झाला कोल्ड स्टोरेज की तर्ज पर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कोल्ड स्टोरेज विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि किसान ऑफ-सीजन में उत्पाद बेचकर अधिक लाभ कमा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी पुरानी और कम उत्पादन क्षमता वाली किस्मों की खेती हो रही है, जिन्हें हाई डेंसिटी ऐपल प्लांट्स से प्रतिस्थापित करने की आवश्यकता है।

इसके लिए नर्सरियों के उन्नयन, बड़े पैमाने पर हाई डेंसिटी पौध तैयार करने तथा किसानों से निरंतर संवाद पर बल दिया गया। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फुल टाइम तकनीकी सहयोग हेतु पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) गठित करने और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय