दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र का शुभारंभ, सीएम धामी ने युवाओं से बड़े सपने देखने का किया आह्वान
देहरादून, 13 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 एवं युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में 11.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17.39 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का शुभारंभ भी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से जाना जाएगा। कम्युनिटी रेडियो के संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पद सृजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने विदेशी भाषा विभागों को मजबूत करने की भी घोषणा की। स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चीनी और जापानी भाषाओं के लिए आवश्यक पद सृजित किए जाएंगे, ताकि दून विश्वविद्यालय के साथ राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। भारत की विशाल युवा आबादी विकसित भारत की मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहल युवाओं को नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। आज युवा नौकरी तलाशने के साथ उद्यमिता और रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का दौर नवाचार का है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
धामी ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे के साथ शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं को सहयोग देते हुए यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में लागू सख्त नकल विरोधी कानून से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के विकास का सरकार का विजन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं।
उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय