मसूरी में अवैध निर्माण पर एमडीडीए की कार्रवाई,ग्रीनवुड कॉटेज सील
मसूरी, 29 जून (हि.स.)। पहाड़ों की रानी मसूरी में अवैध निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने कार्रवाई तेज करते हुए सोमवार को श्रीनगर एस्टेट स्थित ग्रीनवुड कॉटेज को सील कर दिया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मसूरी के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
एमडीडीए के अनुसार वाद संख्या आर-1208/2024 में पारित आदेश के अनुपालन में के.पी.शर्मा द्वारा ग्रीनवुड कॉटेज में किए गए अनधिकृत निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पूरे परिसर को सील कर भवन के उपयोग और किसी भी प्रकार के आगे के निर्माण पर रोक लगा दी गई।
सीलिंग अभियान का नेतृत्व सहायक अभियंता अजय मलिक ने किया। उन्होंने बताया कि एमडीडीए क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए गए निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से भवन स्वामियों को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और निर्माण को नियमानुसार कराने का अवसर दिया जाता है। इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी किए जाने पर सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अजय मलिक ने कहा कि मसूरी जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है,बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इसी कारण प्राधिकरण अवैध निर्माण के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि मसूरी क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आएंगे, वहां नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एमडीडीए से विधिवत मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित भवन मानकों का पालन करने की अपील की।
कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता अनुराग नौटियाल,सुपरवाइजर संजीव,उदय नेगी सहित एमडीडीए की टीम मौजूद रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय