अवैध ब्लड डोनेशन कैंप का खुलासा, 27 यूनिट रक्त समेत पांच गिरफ्तार
हरिद्वार, 17 अगस्त (हि.स.)। रक्तदान जैसे पवित्र और मानवीय कार्य की आड़ में कथित रूप से अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाले गिरोह का लक्सर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिना आवश्यक अनुमति के ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर रक्त एकत्रित करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों के कब्जे से 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, रक्त संग्रह और जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, चार डोनर चेयर तथा दो वाहन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा गांव-देहात के भोले-भाले लोगों के बीच ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जाते थे। इन कैंपों में लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रक्त एकत्रित किया जाता था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि एकत्रित रक्त को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकृत ब्लड बैंक तक पहुंचाने के बजाय अन्य राज्यों में कथित रूप से ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, रक्त की कथित बिक्री और पूरे नेटवर्क की वास्तविक स्थिति को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई लक्सर पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवीत भुल्लर द्वारा जनपद में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में कोतवाली लक्सर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति संगठित रूप से ग्रामीण इलाकों में बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर रहे हैं और लोगों से रक्त एकत्रित कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही चौकी सुल्तानपुर प्रभारी उपनिरीक्षक बीरेंद्र सिंह नेगी ने टीम के साथ संदिग्धों की तलाश शुरू की। मामले की जानकारी चौकी भिक्कमपुर प्रभारी उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी को भी दी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया।
अलावलपुर तिराहे पर दो वाहन पकड़े
पुलिस टीम ने अलावलपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली। पहली कार्रवाई स्विफ्ट कार संख्या यूके 08 बीएल-3257 पर हुई। कार की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स को खोलने पर पुलिस को 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग मिले।
पुलिस ने मौके से ब्लड यूनिट की जांच एवं माप और रक्त संग्रह से संबंधित उपकरण भी बरामद किए। इतनी बड़ी मात्रा में रक्त मिलने के बाद पुलिस ने वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ की और पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
स्कॉर्पियो से मिला कैंप लगाने का सामान
इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो एन कार संख्या यूपी 20 सीडी-8085 की तलाशी ली। वाहन से चार ब्लड डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, अमृत चौरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड का डिब्बा और हाथ बांधने वाली चार बेल्ट बरामद हुईं।
पुलिस के अनुसार, बरामद सामान से यह संकेत मिला कि आरोपी कथित रूप से व्यवस्थित तरीके से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने की गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये कैंप किन-किन स्थानों पर लगाए गए और इनके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
बिना लाइसेंस रक्त संग्रह की जांच
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने आया कि आरोपियों द्वारा गांव-देहात के क्षेत्रों में आवश्यक अनुमति और लाइसेंस के बिना ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जा रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रक्त संग्रह के लिए आरोपियों के पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं और बरामद 27 यूनिट रक्त किस उद्देश्य से एकत्रित किया गया था। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह के कैंप लगाए गए थे और क्या इन कैंपों के जरिए बड़ी मात्रा में रक्त एकत्र किया जा चुका है।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा
मामले में कोतवाली लक्सर में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 18(सी), 27 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट एवं धारा 316(1) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जिनकेे नाम पते अनित सैनी, पुत्र राजेश कुमार, निवासी फतवा, थाना लक्सर, शुभम कुमार, पुत्र जीतराम, निवासी ग्राम माड़ा बेला, पोस्ट चन्दपुरी कला, थाना खानपुर, दुष्यन्त कुमार, पुत्र मदनलाल सैनी, निवासी सुरेन्द्र नगर कॉलोनी, आवास विकास, थाना कोतवाली सदर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश, कावेन्द्र कुमार, पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी निकट सद्भावना अस्पताल, हरतला, थाना सिविल लाइन, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश व 5. दया सिंह, पुत्र ओमकार सिंह, निवासी ग्राम ईसमपुर ढाणा, थाना गीनौर, जनपद सम्भल, उत्तर प्रदेश बताए गए हैं।
बरामदगी ने खोला पूरा खेल
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामान की सूची भी काफी लंबी है। इसमें 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, एक बीपी मशीन, एक एचबी मशीन, ब्लड ग्रुप जांच संबंधी सामग्री, एक डोनर फॉर्म बुक, अमृत चौरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र, एक स्लाइड बॉक्स, चार हाथ बांधने वाली बेल्ट, एक वेट मशीन, चार ब्लड डोनर चेयर और एक ब्लड यूनिट मापने वाली वेट मशीन शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने मौके से दो कारें भी बरामद की हैं।
अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क की भी जांच
मामले में दो राज्यों से जुड़े आरोपियों के नाम सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे प्रकरण के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से एकत्रित रक्त को कहां ले जाया जाना था और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति, संस्था या ब्लड सेंटर की भूमिका तो नहीं थी।
बरामद अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्रों की भी जांच की जा रही है। इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और आरोपियों का संबंधित संस्था से क्या संबंध था, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
रक्तदान की आड़ में अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं
पुलिस का कहना है कि रक्तदान लोगों की जिंदगी बचाने वाला बेहद संवेदनशील और मानवीय कार्य है। ऐसे कार्य की आड़ में यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रक्त संग्रह करता है या लोगों को गुमराह करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला