चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही पत्रकारिता : चिन्मय पंडया

 


हरिद्वार, 27 फ़रवरी (हि.स.)। हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्रेस क्लब के तत्वावधान में तृतीय चरण की व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। ।

इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रतिकुलपति डा.चिन्मया पंड्या ने कहा कि पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। अघोषित चुनौती और विषम परिस्थितियों में पत्रकारों को कार्य करना पड़ता है। पत्रकारिता के दो धर्म हैं। एक गुस्सा भड़काना और दूसरा संवेदना जगाना। पत्रकार लोगों में गुस्सा भड़काने के बजाए संवेदना जगाएं।

मुख्यवक्ता एनयूजेआई के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की परिस्थिति बहुत चिंताजनक है। पत्रकारिता का दमन हो रहा है। प्रिंट मीडिया तथ्य के आधार पर खबर छापता है। लेकिन सोशल मीडिया इससे बहुत दूर है और सनसनी फैलाता है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों और उनके परिवार के प्रति गंभीर नहीं है। एआई के आने से संस्थानों में पत्रकारों की संख्या घटेगी। इसलिए पत्रकारों के हितों के लिए आयोग का गठन किया जाना चाहिए।

निरंजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने कहा कि अच्छी पत्रकारिता कभी समाप्त नहीं हो सकती। पत्रकारों को सच दिखाना चाहिए।

प्रैस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा ने सभी अतिथीयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी समारोह के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में हिंदी पत्रकारिता और पत्रकारों के समक्ष चुनौतियों आदि विषयों पर गहन चिंतन मनन किया जा रहा है। जिसका लाभ पत्रकारिता और पत्रकारों को मिलेगा।

वरिष्ठ पत्रकार कौशल सिखोला, डॉ. रजनीकांत शुक्ला, संजय आर्य, संदीप रावत ने स्मृति चिन्ह, रूद्राक्ष की माला एवं गंगाजली भेंटकर अतिथीयों का स्वागत किया। संचालन राहुल वर्मा ने किया। इस अवसर पर पत्रकार सुनील दत्त पांडे, रामचंद्र कन्नौजिया, काशीराम सैनी, आशु शर्मा, अविक्षित रमन, देवेंद्र शर्मा, श्रवण कुमार झा, बालकृष्ण शास्त्री, डा.हिमांशु द्विवेदी, प्रतिभा वर्मा, शिवा अग्रवाल, गुलशन नैयर, दीपक नौटियाल, आदेश त्यागी सहित नगर के गणमान्य अतिथी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला