एआई के दौर में भी प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता बरकरार : कोश्यारी

 




हरिद्वार, 30 मई (हि.स.)। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर प्रेस क्लब ने द्विशताब्दी समारोह व संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने की, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

मुख्य वक्ता प्रो. गोविंद सिंह ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किया गया ‘उदंत मार्तंड’ हिंदी पत्रकारिता की आधारशिला बना। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा आज भी प्रिंट मीडिया अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है।

मुख्य अतिथि भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल युग के बावजूद प्रिंट मीडिया का महत्व समाप्त नहीं हो सकता। उन्होंने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि हिंदी आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है। उन्होंने प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताया।

अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि पत्रकारिता समाज को आईना दिखाने का कार्य करती है। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र को सशक्त बनाती है तथा समाज को सही दिशा प्रदान करती है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत को स्व मधुकांत प्रेमी स्मृति पुरस्कार व राहुल वर्मा को स्व पी.एस. चौहान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पत्रकारिता शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला