हिमाद्रि आइस रिंक देश की शान, अंतरराष्ट्रीय खेलों का बन रहा केंद्र: धामी

 


देहरादून, 5 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्रि आइस रिंक को देश और प्रदेश के लिए गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी और ‘पे एंड प्ले’ पोर्टल का विमोचन भी किया।

मंगलवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित इस आइस रिंक में शुरुआती वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, लेकिन बाद में रखरखाव के अभाव में यह बंद हो गई थी। राज्य सरकार ने इसे पुनर्जीवित करने का निर्णय लेते हुए करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से इसका जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने कहा कि आइस रिंक के संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते एक वर्ष में हिमाद्रि आइस रिंक ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग और विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया। उन्होंने विशेष रूप से 'एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी' की सफल मेजबानी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है और भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे प्रदेश को “देवभूमि” के साथ “खेलभूमि” के रूप में भी पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष 920 एथलीटों और एक हजार अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दे रही है। साथ ही ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ और ‘खेल किट योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने खेल मंत्री रेखा आर्य को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेल क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे।

हिमाद्रि आइस रिंक से युवाओं को मिल रही नई दिशा: रेखा आर्य

इस मौके पर उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि बीते एक वर्ष में हिमाद्रि आइस रिंक में हजारों बच्चों ने आइस स्पोर्ट्स सीखे हैं। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को अपने करियर की नई दिशा तय करने का अवसर मिला है। प्रदेश के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं। रेखा आर्य ने इसे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि जो आइस रिंक पहले उपेक्षा का शिकार था, आज खेल शक्ति का प्रतीक बन गया है। इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण और सरकार की नीतियों को दिया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा भविष्य में और अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाएगी।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ,विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा,खेल निदेशक आशीष चौहान,अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय