जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस
हरिद्वार, 04 अगस्त (हि.स.)।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री एवं पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण का जन्मदिवस मंगलवार को पतंजलि योगपीठ-2 स्थित योग भवन में पारंपरिक 'जड़ी-बूटी दिवस' के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, संन्यासी, वैज्ञानिक, चिकित्सक और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रक्तदान शिविर, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, औषधीय पौधों का वितरण, नई आयुर्वेदिक औषधियों का लोकार्पण और पुस्तकों का विमोचन किया गया। स्वामी रामदेव ने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी जीवन पद्धति मानवता के लिए वैज्ञानिक हैं। आने वाले समय में ये केवल जीवनशैली नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर प्रभावी चिकित्सा पद्धति बनेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से देशभर के लाखों स्कूलों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ने आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर स्थापित किया है। लिवर, किडनी, मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों के लिए साक्ष्य आधारित उपचार विकसित किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जो कार्य विश्व स्वास्थ्य संगठन और बड़ी सरकारें नहीं कर सकीं, वह पतंजलि ने करके दिखाया। आचार्य बालकृष्ण का नाम लगातार विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हो रहा है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जन्मदिन संकल्प का दिन है। इस वर्ष उन्होंने मानवता को रोगमुक्त बनाने, वृक्षारोपण बढ़ाने और रक्तदान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। पिछले 30 साल से उनका जन्मदिवस जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में पतंजलि अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित 12 नई साक्ष्य आधारित औषधियों का लोकार्पण हुआ। इनमें हीमोग्रिट, रीनोग्रिट, लिवोग्रिट, लिपिडोम एडवांस, पीड़ानिल रोल-ऑन, आईग्रिट ड्रॉप आदि शामिल हैं।
रक्तदान शिविर में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण सहित अन्य लोगों द्वारा 710 यूनिट रक्तदान हुआ। स्वास्थ्य शिविर में 1500 मरीजों की निःशुल्क जांच कर दवाएं दी गईं। जड़ी-बूटी दिवस पर नीम, तुलसी, आंवला, एलोवेरा के पौधे भी वितरित किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला