संत समाज के मार्गदर्शन और सहयोग से ऐतिहासिक होगा कुंभ : कैड़ा
हरिद्वार,29 जून (हि. स.)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने आज विभिन्न अखाड़ों के संतों व प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में कुंभ से जुड़े स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ अखाड़ों की आवश्यकताओं और संत समाज के सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित बैठक में कैड़ा ने कहा कि कुंभ सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का सबसे विराट आयोजन है। इसकी गरिमा केवल भव्य व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि संत समाज के विश्वास, सहयोग और मार्गदर्शन से प्रतिष्ठित होती है।
उन्होंने कहा कि अखाड़े और कुंभ एक-दूसरे के पर्याय हैं। अखाड़ों और संत समाज के बिना कुंभ की परिकल्पना अधूरी है। इसलिए कुंभ की समस्त व्यवस्थाओं में संतों की भावनाओं, परंपराओं और आवश्यकताओं का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।
अखाड़ों व संतों के लिए आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी तथा पूरे आयोजन के दौरान उनसे निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति और सामाजिक जीवन का पथप्रदर्शक है।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवर, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, शिविर क्षेत्रों के विकास सहित सभी आधारभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किए जाएंगे, ताकि कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहे।
बैठक के दौरान महा निर्वाणी अखाड़ा के महंत रविन्द्र पुरी, महंत राघवेन्द्र दास, महंत प्रेमदास, महंत भगत राम एवं महंत जगतार मुनि, संत देवेन्द्र सिंह एवं संत जसविन्दर सिंह आदि ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ।
संतों ने कहा सरकार कुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर संत समाज की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए निरंतर संवाद स्थापित कर रही है, जो स्वागतयोग्य है।
बैठक में मेला अधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्थायी एवं अस्थायी दोनों प्रकार के कार्य निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने अखाड़ों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि आगामी कुंभ में भाग लेने वाले महामंडलेश्वरों एवं अन्य संतों से संबंधित आवश्यक सूचनाएं समय से मेला प्रशासन को उपलब्ध करा दें, ताकि शिविरों के आवंटन एवं अन्य व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईजी कुंभ योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक (यातायात) निशा यादव, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार, सचिव हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण प्रत्यूष सिंह, आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला