हरेला पर उत्तराखंड में चला वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
देहरादून, 16 जुलाई (हि.स.)। लोकपर्व हरेला के अवसर पर गुरुवार को उत्तराखंड में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प दोहराया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने प्रदेश मुख्यालय में पौधरोपण कर संगठन के बूथ स्तरीय वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर 50 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक माह तक वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने डोईवाला के जोगीयाणा स्थित श्री भैरव देवता मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। वहीं टिहरी जिले के परोगी गांव में कृषि मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने 'हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए व्यापक वृक्षारोपण की आवश्यकता बताई।
दून पुलिस ने भी पुलिस लाइन सहित जनपद के सभी थाना और चौकी परिसरों में वृहत पौधरोपण अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस लाइन परिसर में लगभग 100 फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इसी क्रम में एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में सेनानायक अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में अधिकारियों, कार्मिकों, प्रशिक्षणरत रिक्रूट्स और उत्तराखंड पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। सेनानायक ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक है जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी पूरी जिम्मेदारी से किया जाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। एसडीआरएफ की विभिन्न पोस्टों पर भी हरेला दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
उधर, मनोरमा डोबरियाल शर्मा मेमोरियल फाउंडेशन और काफल चैप्टर ऑफ गढ़वाल की ओर से गांधी रोड स्थित श्री पंचायती मंदिर में हरेला महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत, प्रदेश कांग्रेस महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पद्मश्री कन्हैया लाल पोखरियाल सहित अन्य वक्ताओं ने हरेला को उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का पर्व बताते हुए वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण पर बल दिया। इस अवसर पर पौधों का वितरण भी किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय