छह साल से बंद रेल किराया रियायत पर बुजुर्गों का बढ़ा आक्रोश

 

हरिद्वार, 23 सितंबर (हि.स.)। कोविड-19 महामारी के दौरान स्थगित की गई वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे किराये में रियायत छह साल बाद भी बहाल नहीं होने पर वरिष्ठ नागरिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सीनियर सिटिजन एसोसिएशन ऑफ देवांचल उत्तराखंड ने इस संबंध में स्थानीय सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से रियायत तत्काल बहाल करने की मांग की है।

कॉन्फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष ब्रज प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रेलवे किराये में रियायत वरिष्ठ नागरिकों के लिए महज सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों, पेंशनभोगियों, विधवाओं और सीमित आय वाले लोगों के लिए जरूरी सहारा थी। इसके बंद होने से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने, परिवार से मिलने और सामाजिक संबंध बनाए रखने में बुजुर्गों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने सांसद से मांग की कि वह इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाएं और प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर वरिष्ठ नागरिकों की समस्या से अवगत कराने का प्रयास करें।

ज्ञापन सौंपने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवतार कृष्ण कौल, उपाध्यक्ष ईश्वरी दत्त कोटिया व गोपाल कृष्ण गुप्ता, महासचिव उपेंद्र कुमार शर्मा, सचिव प्रेमप्रकाश धस्माना, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार नौटियाल तथा कार्यकारिणी सदस्य हेम कुमार पांडे, गुलशन माकिन और हरीश भदोला आदि शामिल रहे।

वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति हरिद्वार, सीनियर सिटीजन फोरम, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन ऋषिकेश समेत विभिन्न संस्थाओं ने भी रियायत जल्द बहाल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला