पेंशनर्स की सात मांगों पर बनी सहमति, कार्यवृत्त जारी
हरिद्वार, 20 अगस्त (हि.स.)। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के साथ मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई त्रिपक्षीय बैठक का कार्यवृत्त शासन द्वारा जारी कर दिया गया है। सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत की ओर से निर्गत कार्यवृत्त में पेंशनर्स की सात मांगों पर बिंदुवार विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।
यह जानकारी देते हुए जीपीडब्ल्यूओ के प्रदेश महामंत्री जेपी चाहर ने गुरुवार को बताया कि कार्यवृत्त के अनुसार पेंशनर्स की समस्याएं चिकित्सा, स्वास्थ्य, वित्त एवं कार्मिक विभाग से जुड़ी हैं, जिनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की सीईओ रीना जोशी, अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत, अपर सचिव वित्त खजान चंद्र पाण्डेय सहित संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीपी चौहान, महामंत्री जेपी चाहर, विधिक सलाहकार सुखवंश सिंह, दिनेश जोशी, पीसी खंतवाल, शेर सिंह थापली व ललित मोहन उनियाल मौजूद रहे।
संगठन की प्रमुख मांगों में गोल्डन कार्ड योजना और चिकित्सा प्रतिपूर्ति में सुधार, 30 जून व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त को नॉशनल इंक्रीमेंट सेवानिवृत्ति तिथि से देना, कोषागार स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करना, 17 दिसंबर को राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस मनाना, कोषागारों में पेंशनर भवन व पहचान पत्र जारी करना, राशिकरण कटौती 12 वर्ष करना, 65, 70 व 75 वर्ष पर 5-5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि और आठवें वेतन आयोग के अनुसार पेंशन पुनरीक्षण शामिल हैं। लगभग एक घंटे चली चर्चा में शासन ने इन मांगों पर सहमति जताई।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला