शिक्षक संघ ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने को दिया धरना

 

पौड़ी गढ़वाल, 12 मई (हि.स.)। टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखे जाने सहित 13 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग को लेकर राजकीय जूनियर हाईस्कूल (पूमा) शिक्षक संघ ने दूसरे चरण का आंदोलन शुरू कर दिया है। मंगलवार को संघ ने जिले के सभी उप शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया। चेताया कि समस्याओं का हल नहीं होने पर 18 मई को जिला मुख्यालय पौड़ी में हुंकार रैली निकाली जाएगी।

मंगलवार को पौड़ी के राजकीय जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय पौड़ी में धरना दिया। संघ के जिलाध्यक्ष भगत सिंह भंडारी व जिला महामंत्री भोपाल सिंह रावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक शिक्षा में सेवारत शिक्षकों को सेवा में बने रहने व पदोन्नति के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने का निर्णय दिया है। कोर्ट ने उक्त फैसले में टीईटी प्रथम परीक्षा उत्तीर्ण किए जाने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति किए जाने का आदेश दिया है। जिसकी अनुपालना दो साल के भीतर होनी है।

बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश के करीब 15 हजार शिक्षक व शिक्षिकाएं प्रभावित हो रहे है। जिससे उनका पूरा परिवार तनावग्रस्त है। कहा कि 2010 से पहले से नियुक्त शिक्षक व शिक्षिकाओं के लिए प्रदेश में विभागीय परीक्षा व प्रशिक्षण आयोजित कर टीईटी प्रथम पात्रता परीक्षा की बाध्यता से मुक्त रख जाने की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार उक्त प्रकरण में शिक्षकों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। कहा कि जिलेभर में संघ के ब्लाक कार्यकारिणी ने एसडीएम या उप शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में धरना दिया। 18 मई को जिला मुख्यालयों में हुंकार रैली का आयोजन किया जाएगा।

इस मौके पर विपिनचंद्र रांगण, प्रताप सिंह राणा, मनमोहन सिंह चौहान, कमल उप्रेती, रश्मि बिष्ट, कुलदीप सिंह, रजनीश अण्थवाल, कमल रावत, राजेन्द्र सिंह, रवीन्द्र प्रकाश खरे, धनेश्वरी भट्ट, आरती जोशी, पदमा नेगी, ऊषा रावत, आशा चमोली, रेखा उनियाल, गीता आर्य, अनीता नौडियाल, संजू नौडि़याल, देवेन्द्र लिंगवाल, सोनी कोहली, बैजन्ती नेगी, शशि रावत, भारत भूषण रावत आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह