विदेश में 106 युवाओं को मिला रोजगार, उत्तराखंड में 158 भाषा प्रशिक्षण केंद्र संचालित

 


-जापान, जर्मनी और सऊदी अरब में कार्यरत हैं युवा, उत्तरकाशी और टिहरी में भी खुलेंगे केंद्र

देहरादून, 9 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के 106 युवाओं को अब तक विदेश में रोजगार मिल चुका है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी और टिहरी जिलों में भी जल्द ही प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योजना के तहत युवाओं को वैश्विक मांग के अनुरूप कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर मई 2023 में इस योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके क्रियान्वयन के लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। योजना का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं। अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22 व बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 केंद्र चल रहे हैं। वर्तमान में देहरादून में जर्मन भाषा के चार और जापानी भाषा के दो बैच, अल्मोड़ा में जर्मन भाषा का एक तथा बागेश्वर में जापानी भाषा का एक बैच संचालित है।

योजना के तहत अब तक 106 युवाओं को विदेश में रोजगार मिला है। इनमें 75 युवा जापान, एक जर्मनी और 30 सऊदी अरब में कार्यरत हैं। ये युवा स्वास्थ्य, हॉस्पिटेलिटी और अन्य क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।

तीन देशों में रोजगार की संभावनाएं तलाश रही सरकार

राज्य सरकार विदेश में रोजगार के नए अवसर तलाशने के लिए विभिन्न देशों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड आए जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ बैठक में इन देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की मांग पर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब इन देशों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय