अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास सफलता की असली कुंजी: बैटला

 


हरिद्वार, 21 मई (हि.स.)। खेलों में प्रतिभाओं को बढ़ावा देने एवं खिलाड़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के मेजर ध्यानचंद सभागार में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में एशियन मेडलिस्ट एवं ओलंपिक टीम के सदस्य प्रमोद बैटला ने प्रशिक्षु, शारीरिक शिक्षकों व खिलाड़ियों को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि कुशल किसान का जीवन, उसकी नियमित एवं नियंत्रित दिनचर्या तथा खेत में किया गया परिश्रम एक श्रेष्ठ खिलाड़ी को तराशने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है। उन्होंने हॉकी के जादूगर ध्यान चंद का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुशासन, मेहनतव निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी हैं।

प्रमोद बैटला ने कहा कि खिलाड़ी के जीवन में तकनीकी शिथिलता सबसे बड़ा अवरोध बनती है। उन्होंने ग्रामीण परिवेश और दूर-दराज के क्षेत्रों को खेल प्रतिभाओं का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि आज भी गांवों से उत्कृष्ट खिलाड़ी निकलकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

कार्यक्रम में प्रभारी शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग डॉ. अजय मलिक ने कहा कि खेल विशेषज्ञों का गुरुकुल और हॉकी से जुड़ाव आज भी उतना ही प्रासंगिक है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि देश में मेहनत के बल पर सफलता के शिखर तक पहुंचे खिलाड़ियों की लंबी सूची युवाओं के लिए प्रेरणा है।

कार्यक्रम में डॉ. कपिल मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. प्रणवीर सिंह, डॉ. सुनील कुमार, दुष्यंत राणा, कुलदीप रतूड़ी, अश्वनी कुमार, सुरेंद्र सिंह और कुलदीप सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम.पी.एड., बी.पी.एड. तथा बी.पी.ई.एस. के प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। संचालन डॉ. कपिल मिश्रा ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला