शरद पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, चंडी पुल पर लगा भीषण जाम
हरिद्वार, 25 अक्टूबर (हि.स.)। शरद पूर्णिमा पर धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को सुबह से ही गंगा घाटों पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे।
हरकी पैड़ी पर नहरबंदी के चलते गंगा का जलस्तर कम होने से श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नहर की सफाई के लिए चल रहे कार्य के कारण पानी कम किए जाने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चंडी घाट का रुख किया।
चंडी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। चंडी पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ने से भीषण जाम की स्थिति बन गई। पुल और आसपास की सड़कों पर वाहन फंसने से राहगीरों और गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से यातायात को नियंत्रित करने तथा जाम खुलवाने में जुटी रही।
पुलिसकर्मियों ने वाहनों की आवाजाही सुचारू कराने के साथ ही श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से गंगा स्नान कराने के प्रयास किए। पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते हरिद्वार में चहल-पहल बनी रही।
शरद पूर्णिमा को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं भी हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात्रि को ही योगेश्वर श्रीकृष्ण ने महारास किया था।
मान्यता यह भी है कि इाज के दिन चन्द्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। चन्द्रमा से अमृत की वर्षा होती है। इसी कारण दूध-चिवड़ा, खीर आदि पदार्थ बनाकर चन्द्रमा की छांव में रखे जाते हैं और प्रातः उनको ग्रहण किया जाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला