गंगा कथा से मन होता है शुद्ध, आध्यात्मिकता से जीवन को मिलती है नई दिशा: कौशिक
हरिद्वार, 05 अगस्त (हि.स.)। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में रोशनाबाद जिला जेल परिसर में आयोजित संगीतमय गंगा कथा का श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में आयोजन किया गया। कथा के दौरान कथाव्यास पंडित संजय कृष्ण ने मां गंगा की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए गंगोत्री से गंगासागर तक स्थित विभिन्न पवित्र तीर्थों के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मां गंगा मानव कल्याण के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुई हैं और उनकी महिमा अनंत है। गंगा जल के दर्शन, स्पर्श और आचमन मात्र से ही मनुष्य का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं। गंगा कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और उसे धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने कहा कि कारागार में इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ऐसे कार्यक्रमों से बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उन्हें अपने जीवन को नई दिशा देने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कारागार प्रशासन का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों के व्यक्तित्व का सुधार और पुनर्वास भी है। आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि मां गंगा की कथा सुनने से मन शुद्ध होता है और पापों का नाश होता है। उन्होंने कहा कि गंगा भारतीय सनातन संस्कृति की जीवनधारा हैं और उनकी महिमा का स्मरण मात्र भी व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत करता है। उन्होंने सभी से मां गंगा के संरक्षण और स्वच्छता का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर भगवा हिंदू सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप रोड, प्रदेश प्रवक्ता दीपक पवार, स्वामी रूद्रानंद सरस्वती, बृजमोहन शर्मा, यजमान जलज कौशिक, सत्यम शर्मा, मनोज कुमार, ऋषि शर्मा, डॉ. दिनेश बाली, पंचपुरी हलवाई समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष सोमपाल कश्यप, सनी लखेड़ा, चमन कुमार, संजू अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला