गैरसैंण सत्र के पहले दिन का एजेंडा तय, कांग्रेस के सदस्य अनुपस्थित
-बसपा विधायक शहजाद ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की
देहरादून, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा के गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही का एजेंडा तय कर लिया गया है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की अध्यक्षता में देहरादून स्थित उनके आवास पर हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देने के बाद अनुपूरक बजट पेश किए जाने का कार्यक्रम तय हुआ। कांग्रेस के दोनों सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि बसपा विधायक शहजाद मौजूद रहे।
विधानसभा की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में प्रस्तावित सत्र के संचालन की रूपरेखा तय करने के लिए हुई बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल और विधायक सहदेव पुंडीर और उमेश शर्मा काऊ शामिल हुए। कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य शहजाद ने भी बैठक में हिस्सा लिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने न्याय यात्रा में व्यस्तता का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई।
बैठक के बाद शहजाद ने कहा कि उन्होंने सत्र की अवधि सात दिन किए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन कार्यसूची में पर्याप्त कामकाज नहीं होने का हवाला देकर इसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार पहले दिन ही कार्यवाही निपटाकर सत्र स्थगित कर सकती है। शहजाद ने कहा कि प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होने से सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने सरकार पर जवाबदेही से बचने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर सर्वदलीय बैठक भी हुई। इसमें भाजपा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल और बसपा विधायक शहजाद शामिल हुए। कांग्रेस विधायक दल के नेता यशपाल आर्य बैठक में शामिल नहीं हुए। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सभी दलों से सत्र के संचालन में सहयोग करने की अपील की।
विधायक शहजाद ने कहा कि मौजूदा विधानसभा का यह अंतिम सत्र है और इसमें विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा की जरूरत बताते हुए कहा कि सरकार सहमत हो तो विपक्ष सदन चलाने में पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस के दोनों सदस्यों ने गैरसैंण में प्रस्तावित सत्र की कार्यसूची देहरादून में तय किए जाने पर पहले ही आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि जब विधानसभा सत्र गैरसैंण में होना है तो कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं होनी चाहिए थी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देहरादून में बैठक बुलाए जाने से गैरसैंण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार की गंभीरता को लेकर सवाल उठते हैं।
अगस्त 2025 में गैरसैंण में आयोजित मानसून सत्र के दौरान भी यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह ने सदन की कार्यवाही संख्या बल के आधार पर चलाए जाने का आरोप लगाते हुए कार्यमंत्रणा समिति की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय