गैरसैंण को जिला बनाने की मांग तेज

 

-बद्री गाय संरक्षण महाविद्यालय की स्थापना का मुद्दा भी उठाया

गोपेश्वर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को जिला बनाने की मांग फिर उठी है। बहुगुणा विचार मंच ने प्रदेश सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में गैरसैंण को जिला बनाने और बद्री गाय संरक्षण महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा करने का आग्रह किया है।मंच के गढ़वाल एवं कुमाऊं संयोजक हरीश पुजारी ने कहा कि गैरसैंण को केवल ग्रीष्मकालीन राजधानी तक सीमित रखने के बजाय उसे पूर्ण प्रशासनिक पहचान दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से गैरसैंण को जिला बनाने की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

पुजारी ने कहा कि गैरसैंण को जिला बनाए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय लोगों को जिला स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक इकाइयों का सुदृढ़ीकरण जरूरी है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यों के लिए दूर स्थित जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़े।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग भी लंबे समय से उठती रही है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों में प्रशासनिक व्यवस्था तय करते समय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

मंच ने आगामी विधानसभा सत्र में बद्री गाय संरक्षण महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा करने की मांग भी की। पुजारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने और बद्री गाय के संरक्षण के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने सरकार से दोनों मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल