सरकार को सदन से सड़क तक घेरने की तैयारी में विपक्ष, हंगामे के आसार

 




- गैरसैंण सत्र में 445 सवालों और नौ विधेयकों पर रहेगी नजर

- चुनावी साल में मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र होने से सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अहम होगा सत्र

भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 26 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा के मंगलवार से शुरू हो रहे गैरसैंण सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी प्रकरण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन से सड़क तक सरकार को घेरने की तैयारी की है। वहीं, विधायकों की ओर से पूछे गए 445 के करीब सवालों के जवाब देने के साथ सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ सकता है।

दो दिन के प्रस्तावित सत्र में सात हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट भी पेश किया जाना है। गैरसैंण सत्र में 445 सवालों और नौ विधेयक पेश होगी।

चुनावी साल और मौजूदा विधानसभा का यह संभावित अंतिम सत्र होने के कारण राजनीतिक दृष्टि से भी इसका महत्व बढ़ गया है। फरवरी-मार्च में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सदन में अपनी-अपनी बात रखने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग समेत एक दर्जन से अधिक मुद्दों को लेकर मंगलवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में भी है। विपक्ष इन मुद्दों के जरिये सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

विधायकों की ओर से पूछे गए 445 सवाल भी सत्र के दौरान चर्चा का प्रमुख आधार बन सकते हैं। सवाल पूछने वाले 31 विधायकों में भाजपा और विपक्ष दोनों के सदस्य शामिल हैं। सदन में प्रश्नों के जवाब के बाद अनुपूरक सवालों के जरिये विपक्ष संबंधित मुद्दों पर सरकार से विस्तृत जवाब मांग सकता है।

हालांकि, कार्य मंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की गैरमौजूदगी के कारण सदन की कार्यवाही को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की गुंजाइश भी बनी हुई है। सत्ता पक्ष को उम्मीद है कि सदन में बेहतर प्रबंधन और मुद्दों पर जवाब देकर वह विपक्ष के हमलों का सामना कर सकेगा।

सोमवार देर रात भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विपक्ष सार्थक मुद्दों पर चर्चा करना चाहे तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए और उचित जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष का रुख इससे अलग रहता है तो उसका भी माकूल जवाब दिया जाएगा।

थप्पड़ कांड का मुद्दा भी उठने के आसार:-

सत्र के दौरान किच्छा नगर पालिका चुनाव के समय हुई मारपीट का मामला भी उठ सकता है। हाल ही में हुए चुनाव के दौरान एक बूथ पर कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया था।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पार्टी इस मामले को सदन में विशेषाधिकार हनन के तहत उठाने पर विचार कर रही है। यदि यह मुद्दा सदन में उठता है तो इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय