रिकॉर्ड समय में बंटी 23 लाख निःशुल्क किताबें, सत्र शुरू होते ही छात्रों तक पहुंची पाठ्य सामग्री

 


देहरादून, 09 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नए शैक्षिक सत्र के शुरू होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर प्रदेशभर के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 23,71,789 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें छात्र-छात्राओं को वितरित कर दी गई हैं। इसे पिछले 25 वर्षों में पहली बार इतनी तेजी से हुआ वितरण माना जा रहा है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और सख्ती के चलते शिक्षा विभाग ने वर्षों से चली आ रही देरी की परंपरा को तोड़ते हुए समय पर किताबें उपलब्ध कराई हैं। कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र शुरू होते ही पुस्तकें मिलने से शैक्षणिक गतिविधियां अब निर्बाध रूप से संचालित हो रही हैं और छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अल्मोड़ा में 1,37,334,बागेश्वर में 46,891, चमोली में 1,29,461, चंपावत में 78,142, देहरादून में 4,36,134,हरिद्वार में 4,46,311,नैनीताल में 1,97,687, पौड़ी में 1,07,799, पिथौरागढ़ में 1,18,329,रुद्रप्रयाग में 74,869,टिहरी में 1,04,559, ऊधमसिंह नगर में 4,25,176 और उत्तरकाशी में 69,097 पुस्तकों का वितरण किया गया है।

शिक्षा विभाग को कुल 78,18,145 पुस्तकों की मांग प्राप्त हुई थी, जिसमें से अधिकांश की आपूर्ति कर दी गई है,जबकि शेष पुस्तकों का वितरण युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यालयों में किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग और फीडबैक लिया जाए।

मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि, 'नए शिक्षा सत्र के एक सप्ताह के भीतर 23 लाख से अधिक निःशुल्क किताबें वितरित किया जाना शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। हमारी प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।'

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय