वनाग्नि रोकथाम को लेकर तराई पूर्वी वन प्रभाग अलर्ट, छुट्टियां निरस्त

 

हल्द्वानी, 18 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होते ही वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

गौला रेंज के उप प्रभागीय वन अधिकारी अनिल कुमार जोशी ने बुधवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रमुख वन संरक्षक रजनीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रत्येक बीट में तैनात फायर वॉचर आग लगने की सूचना देने के साथ प्रारंभिक स्तर पर उसे बुझाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि तराई पूर्वी वन प्रभाग को हाई अलर्ट पर रखते हुए सभी रेंजों में फायर वॉचरों की तैनाती कर दी गई है। जंगलों में नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है तथा प्रत्येक रेंज में क्रू स्टेशन स्थापित किए गए हैं। फायर लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे आग के फैलाव को रोका जा सके। साथ ही आग बुझाने के उपकरण और संसाधन भी पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं।

वन विभाग ने वनाग्नि की रोकथाम में जनसहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए ग्राम पंचायतों,फील्ड स्तर और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी है। आम जनता से अपील की गई है कि जंगलों में आग न लगाएं और आग की सूचना तत्काल विभाग को दें।

विभाग ने चेतावनी दी है कि जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता