पर्यटकों से गुलजार हुई फूलों की घाटी, 40 दिन में टूटा रिकॉर्ड
गोपेश्वर, 11 जुलाई (हि. स.)। यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी (वैली ऑफ फ्लावर्स) राष्ट्रीय पार्क में इस वर्ष पर्यटन सीजन की शुरुआत रिकॉर्ड पर्यटक आमद के साथ हुई है। एक जून से 10 जुलाई तक महज 40 दिनों में ही 10 हजार से अधिक पर्यटक घाटी का भ्रमण कर चुके हैं।
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी दर्ज की गई है, जिससे पार्क की आय के साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी बड़ा लाभ मिला है।
पार्क प्रशासन के अनुसार एक जून से 10 जुलाई 2026 तक कुल 10,185 पर्यटकों ने घाटी में प्रवेश किया। इनमें 10,141 भारतीय और 44 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इस दौरान प्रवेश शुल्क से 18 लाख 49 हजार 550 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
पिछले वर्ष इसी अवधि में घाटी में 5,172 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 5,075 भारतीय और 97 विदेशी पर्यटक शामिल थे। उस समय पार्क को 10 लाख 47 हजार 800 रुपये की आय हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष पर्यटकों की संख्या के साथ राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित फूलों की घाटी दुर्लभ अल्पाइन पुष्पों से आच्छादित है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटी प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और फोटोग्राफरों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। जुलाई और अगस्त को घाटी का पीक सीजन माना जाता है, इसलिए आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है।
फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि जुलाई और अगस्त में फूलों के पूर्ण रूप से खिलने के कारण हर वर्ष पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं और नियमित गश्त भी की जा रही है।
बढ़ती पर्यटक संख्या का लाभ गोविंदघाट, पुलना और घांघरिया के होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट, पोर्टर तथा घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी मिल रहा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि इस बार सीजन उम्मीद से बेहतर रहा है और मौसम अनुकूल रहने पर इस वर्ष फूलों की घाटी पर्यटक आगमन के नए रिकॉर्ड स्थापित कर सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल