प्राकृतिक खेती अपनाकर मिट्टी और पर्यावरण बचाने का आह्वान
हरिद्वार, 26 जून (हि.स.)। कृषि विज्ञान केंद्र,धनौरी में शुक्रवार को 'खेत बचाओ अभियान' के तहत आयोजित एक दिवसीय किसान गोष्ठी में किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गन्ना राज्य मंत्री श्याम वीर सैनी ने कहा कि हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग के दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने किसानों से पर्यावरण अनुकूल एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों को खेती में अपनाने की सलाह दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विनोद ने विशेष रूप से सब्जी उत्पादन में कृषि रसायनों के सीमित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया।
गोष्ठी में किसानों को मृदा उर्वरता बढ़ाने के लिए फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने, रासायनिक खाद के साथ जैविक खाद के उपयोग और लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ाने के लिए जैविक खाद तैयार करने की विधियों की जानकारी दी गई। इफको के प्रबंधक प्रियांशु ने दानेदार उर्वरकों की अपेक्षा तरल खाद और जैव उर्वरकों के अधिक उपयोग की सलाह दी।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, जनप्रतिनिधियों तथा लगभग 161 किसानों ने भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला