पर्यावरण संरक्षण पर मंत्री ने की समीक्षा बैठक, पाैधाराेपण और जल स्रोतों के संरक्षण पर दिया जोर
देहरादून, 25 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार के पर्यावरण संरक्षण मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बुधवार को विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित पारंपरिक जल स्रोत जैसे नौले, गाड़-गधेरों सूखने की कगार पर हैं, जिन्हें संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जलवायु संरक्षण की जिम्मेदारी सामूहिक है और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।मंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण पर जोर देते हुए कहा कि पेड़-पौधों के रोपण से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि पारंपरिक जल स्रोतों का संवर्धन भी संभव होगा, जिससे जल स्रोतों का पुनर्भरण (रीचार्ज) हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जल संरक्षण के उपायों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर सख्त निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में सचिव पर्यावरण आरके सुधांशु, अपर सचिव पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव कल्याणी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय