राजाजी और फूलों की घाटी के ईको-सेंसेटिव जोन में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों के बीच संतुलन पर जोर

 


देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के प्रमुख सचिव पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन आर.के. सुधांशु ने राजाजी राष्ट्रीय उद्यान और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन (पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र) के प्रस्ताव तैयार करते समय पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

आरके सुधांशु ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में दोनों राष्ट्रीय उद्यानों के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन के क्षेत्रफल एवं विस्तार, जोनल मास्टर प्लान, निगरानी समिति और इनके अंतर्गत प्रतिबंधित, विनियमित तथा अनुमत गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी पहलुओं का गहन परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन के संबंध में उन्होंने इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए। साथ ही, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में विधिक परामर्श प्राप्त कर राज्य की वर्तमान स्थिति के संबंध में एक सप्ताह के भीतर जवाब तैयार कर भेजने को कहा।

प्रमुख सचिव ने संबंधित गतिविधियों के संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने तथा संबंधित जिलाधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन की समीक्षा के दौरान उन्होंने क्षेत्र में आवाजाही और पर्यटकों की वहन क्षमता को ध्यान में रखने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारी, पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

सुधांशु ने कहा कि ईको-सेंसेटिव जोन के प्रस्ताव तैयार करते समय संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय आवश्यकताओं का समुचित आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय हितों का भी ध्यान रखा जाए, ताकि दोनों के बीच संतुलन कायम रह सके।

बैठक में सचिव वन सी. रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, मुख्य वन संरक्षक साकेत, नंदा देवी जैवमंडल रिजर्व के निदेशक पंकज कुमार, केदारनाथ के प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन, अपर सचिव अभिषेक रुहेला और अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय