उत्तराखंड सफाई मजदूर संघ का अनशन समाप्त, मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा

 


देहरादून, 18 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शनिवार को विधानसभा स्थित सभागार में देवभूमि उत्तराखंड सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा देते हुए अनशन पर बैठे कर्मचारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास कर रही है और सफाई मजदूर संघ से जुड़े परिवारों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान के साथ हरियाली बढ़ाने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को भी व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राम सिंह कैड़ा ने बताया कि मजदूर संघ की कुछ मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि शेष मांगों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और अन्य तीर्थस्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सड़क, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

बैठक में अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा, शहरी विकास विभाग के निदेशक विनोद गोस्वामी, संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक एस.पी.जोशी और देवभूमि उत्तराखंड सफाई मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह, प्रदेश महामंत्री राजपाल पंवार, प्रदेश उपाध्यक्ष अमरदीप चौधरी, प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उधर, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात कर सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, आवास, सुरक्षा उपकरण और अन्य मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मकवाना ने पर्यावरण मित्रों का मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये प्रतिदिन करने, लंबे समय से कार्यरत आउटसोर्स और मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के नियमितीकरण, स्थायी भर्ती, भूमि या आवास उपलब्ध कराने, 'नमस्ते योजना' का लाभ दिलाने, सीवर और सेप्टिक टैंक में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और मैन्युअल स्कैवेंजिंग अधिनियम-2013 के अनुरूप मशीनों से कार्य कराने सहित कई मांगें रखीं।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा देते हुए सचिव विनय शंकर पांडेय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सदस्य अधिवक्ता राकेश पारचा तथा राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद घाघट भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय