पांडव लीला में द्रौपदी चीरहरण के मार्मिक दृश्य पर भावविभोर हुए दर्शक
नई टिहरी, 09 सितंबर (हि.स.)। प्रतापनगर की रौणद रमोली पट्टी के ग्राम पंचायत भैंतला के भैरव देवता मंदिर प्रांगण में चल रही पांडव लीला के सातवें दिन द्रौपदी चीरहरण का मार्मिक मंचन किया गया। पांडव लीला के कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से प्रसंग को जीवंत कर दिया।
मंगलवार शाम को पांडव लीला के दौरान जब जुए में पराजित होने के बाद द्रौपदी को कौरवों की सभा में अपमानित किया गया। उस दृश्य को देखकर दर्शक भावविभोर हुए। कलाकारों के संवाद, अभिनय और पारंपरिक प्रस्तुति में द्रौपदी की लाज बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की शरण में जाने और उनकी कृपा का प्रभावशाली ढंग से मंचन किया गया।
इससे पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य आनंद रावत ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भैरव देवता से आशीर्वाद लिया। कहा कि पांडव लीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पौराणिक, धार्मिक और लोक-सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। कहा द्रौपदी चीरहरण का प्रसंग हमें यह सीख देता है कि अन्याय और अहंकार का अंत निश्चित है। इस मौके पर पूर्व बीडीसी सदस्य कुशाल सिंह रावत, शूरवीर भंडारी, सुरेंद्र रावत, प्रताप सिंह, मनभावन बगियाल, बिजेंद्र पंवार मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी