डीपीएस रानीपुर के पचास वर्ष पूरे, स्वर्ण अक्षर-2026 में साहित्य और संस्कृति का संगम
हरिद्वार, 11 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर के 50 वर्ष पूरे होने पर गोल्डन जुबली लिटरेसी फेस्टिवल गोल्डन कंटीन्यूम: स्वर्ण अक्षर-2026 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रुप में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बीएचईएल के कार्यकारी निदेशक रंजन कुमार,प्रिंसिपल अनुपम जग्गा, वाइस प्रिंसिपल डॉ. पविंदर सिंह, एकेडमिक वाइस प्रिंसिपल अनुपमा श्रीवास्तव व प्रो वाइस चेयरमैन एनएस राणा ने मुख्य सचिव का स्वागत किया।
गुरुवार को देर शाम आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्वर्ण अक्षर नाम विशेष अर्थ रखता है। स्वर्ण अनमोलता का प्रतीक है और अक्षर विचारों व कल्पना को व्यक्त करने का माध्यम हैं। 50 वर्ष की यात्रा किसी भी संस्थान के लिए गौरव का विषय है। संस्था केवल भवनों से नहीं, छात्रों और शिक्षकों के योगदान से बनती है।
उन्होंने कहा कि आज तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है, ऐसे में साहित्य की भूमिका और बढ़ जाती है। सूचना को ज्ञान नहीं कहा जा सकता। साहित्य प्रश्न पूछना, चिंतन करना और ज्ञान का विस्तार करना सिखाता है। उत्तराखंड का हिमालय, लोक परंपराएं और संस्कृति साहित्य के महत्व को दर्शाती हैं। मुख्य सचिव ने छात्रों से पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर साहित्य पढ़ने और निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्र समय-समय पर खुद से तीन सवाल जरूर पूछें कि मैंने क्या सीखा, क्या योगदान दिया और किसकी मदद की। आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना जरूरी है। डीपीएस के छात्र विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में विद्यालय की 50 वर्ष की यात्रा पर लघु फिल्म दिखाई गई। छात्रों ने शास्त्रीय और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बांधा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, सीएफओ राजेश कुमार द्विवेदी, सहित शिक्षक, छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला