एआई पर मंथन, बाल मंडप में 1200 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी
देहरादून, 11 अप्रैल (हि.स.)। दून पुस्तक महोत्सव के आठवें दिन शनिवार को बाल मंडप में उत्साह, रचनात्मकता और सीखने का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव में 1200 सौ से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
परेड मैदान में आयोजित महोत्सव की दिन की शुरुआत सुभाष रावत के इंटरएक्टिव स्टोरीटेलिंग सत्र से हुई, जिसमें 'मीरा और शेर: की कहानी ने बच्चों की कल्पनाशक्ति को नई उड़ान दी। इसके बाद हिम्मत सिंह नेगी के 'मैजिक ऑफ वॉइस' वॉइसओवर वर्कशॉप में बच्चों को वॉइस मॉड्यूलेशन, माइक्रोफोन के उपयोग और उच्चारण की बारीकियों से परिचित कराया गया। सत्र में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की टीम के साथ बच्चों ने समूहों में रचनात्मक कहानियां गढ़ीं, और प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण और उसके नवाचारपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
दून लिट फेस्ट के एक विचारोत्तेजक सत्र में इनसीडो के सीईओ एवं सह-संस्थापक नितिन सेठ ने कर्नल अजय के. रैना के समन्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को आज के समय में अनदेखा नहीं किया जा सकता और यह भविष्य की दिशा तय करने वाली तकनीक है। उन्होंने युवाओं को एआई को सीखने और समझने पर विशेष जोर देते हुए इसके सकारात्मक उपयोग को अपनाने की सलाह दी।
'साहित्य, संस्कृति और कला' विषय पर आयोजित संवाद सत्र में लेखिका साधना बलवटे ने समन्वयक केतकी नायक के साथ चर्चा करते हुए कहा कि संस्कृति और साहित्य आज की पीढ़ी के मानसिक तनाव को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में पठन की आदत विकसित करने पर जोर देते हुए रामायण के उदाहरणों के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों को समझाया।
कार्यक्रम का समापन गायिका करिश्मा शाह की मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को देर तक तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
रविवार को दून बुक फेस्टिवल 2026 के अंतिम दिन बाल मंडप में रचनात्मक लेखन और फूलदेई कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, फेस्टिवल का भव्य समापन शंका ट्राइब बैंड की फ्यूजन संगीत प्रस्तुति के साथ होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय