त्योहारों पर कानून व्यवस्था को लेकर डीएम सख्त, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी

 




हरिद्वार, 05 नवंबर (हि.स.)। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गुरूवार काे अधिकारियों को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, संबंधित उपजिलाधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा और ईगास-बग्वाल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने बताया कि छह नवंबर को धनतेरस, आठ नवंबर को दीपावली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैयादूज, 14 और 15 नवंबर को छठ पूजा तथा 20 नवंबर को ईगास-बग्वाल पर्व मनाया जाएगा। त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी, आतिशबाजी और धार्मिक आयोजनों के चलते भीड़ बढ़ने के साथ यातायात एवं सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर

जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणियां, आपत्तिजनक चित्र और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रहकर अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा जनपदीय अभिसूचना इकाई को गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों में थूकने जैसी घटनाओं से संबंधित वायरल सूचनाओं के मामलों में भी सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन के इंतजाम अनिवार्य

डीएम ने आतिशबाजी की दुकानों और गोदामों की नियमित जांच करने, पटाखों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा अवैध भंडारण और मिलावटी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। पटाखों की दुकानें भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में लगाने और वहां 24 घंटे अग्निशमन व्यवस्था रखने को कहा गया है। बिना पर्याप्त अग्निशमन इंतजाम के किसी भी दुकान को अनुमति नहीं दी जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बाजारों और धार्मिक स्थलों पर रहेगी विशेष चौकसी

धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों में महिलाओं की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था करने को कहा गया है। बाजारों में अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित न हो, इसके लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मंदिरों, धार्मिक स्थलों, शोभायात्रा मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

छठ पूजा के दौरान नदियों और तालाबों के किनारे उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, आवागमन और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है। भैयादूज पर महिलाओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए भी विशेष यातायात व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कनखल, रुड़की और ज्वालापुर में विशेष सतर्कता

जिलाधिकारी ने मिश्रित आबादी एवं साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा है। कनखल और रुड़की में आयोजित होने वाले मेलों तथा ज्वालापुर, बहादराबाद सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस एवं प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, वस्तु अथवा विवाद की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर पहुंचने को कहा गया है।

जुलूस एवं शोभायात्राओं के दौरान यातायात बाधित होने, वाहनों से टकराव अथवा किसी अन्य अवरोध की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पहले से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जुए में हार-जीत को लेकर होने वाले विवाद, आतिशबाजी को लेकर आपसी तनाव और विद्युत आपूर्ति बाधित होने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर भी नजर रखने को कहा गया है।

डीएम ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्किंग स्थलों, प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और शोभायात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय से काम करते हुए त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। स्वास्थ्य, नगर निगम, विद्युत, पेयजल, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन और परिवहन विभागों को भी अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला