‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत चम्पावत में शुरू होगा बड़ा सर्वे अभियान
चंपावत, 16 अप्रैल (हि.स.)। जिले की प्राचीन पांडुलिपियों और दुर्लभ ज्ञान-संपदा को सामने लाने के लिए अब बड़े स्तर पर कवायद शुरू होने जा रही है। ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत चम्पावत में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान जल्द जमीन पर उतरेगा, जिसके जरिए बिखरी हुई ऐतिहासिक और बौद्धिक धरोहर को चिन्हित कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा।
इस अभियान में सरकारी और निजी पुस्तकालयों के साथ-साथ मंदिरों, मठों, आश्रमों, गुरुकुलों और शिक्षण संस्थानों तक व्यापक पहुंच बनाई जाएगी। खास बात यह है कि निजी संग्रहों में सुरक्षित ताड़पत्र, हस्तलिखित ग्रंथ और दुर्लभ दस्तावेज भी इस सर्वे का हिस्सा होंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ज्ञान भारतम् ऐप’ के जरिए संचालित की जाएगी, जिससे पांडुलिपियों का व्यवस्थित डाटा तैयार हो सके।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अभियान को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि चम्पावत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बेहद समृद्ध है, ऐसे में यहां निजी स्तर पर भी महत्वपूर्ण पांडुलिपियों का बड़ा भंडार सामने आ सकता है।
तीन महीने की अवधि में पूरा होने वाले इस सर्वे के लिए शिक्षकों, एनएसएस-एनसीसी स्वयंसेवकों और ग्राम स्तर के कार्मिकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सर्वे के दौरान मूल संग्रहकर्ताओं के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
प्रशासन ने आम लोगों से भी इस पहल में भागीदारी की अपील की है। अधिकारियों का मानना है कि जनसहयोग से ही जिले की इस अमूल्य विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया जा सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी