लोकभाषा के जरिए वनाग्नि पर प्रहार, जागरूकता गीत जारी
चंपावत, 17 मार्च (हि.स.)। चंपावत में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के बीच जनजागरूकता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार कुमाऊंनी वीडियो गीतों का लोकार्पण किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डाइट) लोहाघाट द्वारा तैयार इन गीतों का विमोचन जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया।
उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू-कॉस्ट) के सहयोग से तैयार इन लघु डॉक्यूमेंट्री आधारित गीतों धूमन हैगो सार पहाड़ा और सुणो सुणो सुणो भै बैण्यो में वनाग्नि से होने वाले पर्यावरणीय और सामाजिक दुष्प्रभावों को स्थानीय भाषा के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इन गीतों को सोशल मीडिया पर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि एक गंभीर चुनौती है, जिसका प्रभाव वन संपदा के साथ-साथ जैव विविधता और मानव जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक पहलें जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करती हैं।
उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे भी इस तरह के नवाचारों को बढ़ावा दें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के प्रोग्राम इन्वेस्टिगेटर डॉ. कमल गहतोड़ी के प्रयासों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नियमित प्रशासनिक कार्यों के साथ सामाजिक सरोकारों पर कार्य करना सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उनके द्वारा तैयार मतदाता जागरूकता गीतों को व्यापक स्तर पर अपनाया गया था।
इस अवसर पर सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, डाइट प्राचार्य दिनेश खेतवाल, एसडीओ वन सुनील कुमार, बीईओ पाटी भारत जोशी, सह इन्वेस्टीगेटर नवीन उपाध्याय, शिक्षिका रश्मि, डीएलएड प्रशिक्षु धीरज जोशी, पुष्कर माहरा, नीलम आगरी सहित जनपद के कई शीर्षस्थ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी