विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ : धामी
देहरादून, 20 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा किसानों को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। आज विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर शनिवार को देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित हिमालय सांस्कृतिक केंद्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन एवं पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की किस्त के वर्चुअल प्रसारण को देखा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने पर प्रदेश के सभी किसानों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि आज देशभर में लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 8 सौ 80 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश के भी 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं। यह किसानों के डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सीमाओं पर तैनात जवानों से सुनिश्चित होती है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के परिश्रम से मजबूत होती है। किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने का कार्य करता है।
धामी ने कहा कि प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक वर्षा पर निर्भर रहती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है, जिससे बदलते मौसम के बीच भी खेती को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल