उत्तराखंड में ईपीएफओ के क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालय खोलने के प्रस्ताव पर केंद्र करेगा विचार
देहरादून, 05 अगस्त (हि.स.)। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पृथक क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भेजे गए सुझावों और मांगों पर प्रचलित मानकों एवं नीतियों के अनुरूप विचार किया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्यमंत्री धामी को भेजे पत्र में यह आश्वासन दिया है।
डॉ. मांडविया ने अपने पत्र में कहा है कि ईपीएफओ के क्षेत्रीय अथवा जिला कार्यालयों की स्थापना, उन्नयन अथवा पुनर्गठन का निर्णय कई निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। इनमें संबंधित क्षेत्र का कार्यभार, कार्यक्षेत्र, कर्मचारियों और खाताधारकों की संख्या, प्रशासनिक आवश्यकताएं तथा सेवा वितरण की जरूरतें प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में ईपीएफओ ने विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच कार्यभार का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने तथा सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से कार्यालयों का युक्तिकरण भी किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से उठाए गए सभी सुझावों एवं मांगों को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है और इन पर ईपीएफओ की निर्धारित नीतियों तथा मानकों के अनुरूप विचार किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में आवश्यकता और पात्रता के आधार पर उत्तराखंड में ईपीएफओ सेवाओं के विस्तार की दिशा में निर्णय लिया जा सकता है।
वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, कर्मचारियों की बढ़ती संख्या तथा पेंशनभोगियों की सुविधा को देखते हुए ईपीएफओ की सेवाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण राज्य के कई कर्मचारियों, नियोक्ताओं और पेंशनभोगियों को विभिन्न कार्यों के लिए दूसरे शहरों अथवा कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की अतिरिक्त खपत होती है।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य में पृथक क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालय स्थापित किए जाते हैं तो कर्मचारी भविष्य निधि, पेंशन, दावों के निस्तारण और अन्य सेवाएं अधिक तेजी और सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी प्रशासनिक स्तर पर सुविधा मिलेगी और ईपीएफओ से जुड़े कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय बनाकर कार्य कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय