जनसमस्याओं के समाधान में देरी न करें अधिकारी, लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें : धामी

 


देहरादून, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम लोगों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है।

मुख्यमंत्री शनिवार को देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी एवं किशोरी किट वितरित कीं।

धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। जिन समस्याओं के समाधान में समय लगना आवश्यक हो, उनके संबंध में शिकायतकर्ताओं को स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुने और उनका समाधान सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया और पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

धामी ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। इन शिविरों में समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने क्षेत्रवासियों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने और विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी और सुशासन के माध्यम से विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय