मकर संक्रांति : उत्तरायणी पर नदी तटों पर स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु

 




देहरादून, 14 जनवरी (हि.स.)। मकर संक्रांति पर्व पर आज सुबह से ही श्रद्धालु हरिद्वार, देवप्रयाग, विष्णु प्रयाग समेत अन्य घाटों पहुंचकर स्नान कर पूजा अर्चना कर रहे हैं। कुमाऊं के बागेश्वर व उत्तरकाशी में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी।

सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते ही कुमाऊँ की काशी बागेश्वर में आस्था का सैलाब उमड़ा है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरयू–गोमती के संगम तट पर माघी स्नान कर बाबा बागनाथ के दर्शन किए। स्नान के लिए गढ़वाल, दारमा, जोहार, व्यास, दानपुर सहित दूर-दराज क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु मंगलवार की रात्रि में ही बागेश्वर पहुँच गए थे।

रातभर श्रद्धालुओं ने झोड़ा–चांचरी गाकर और अलाव तापकर समय बिताया। भोर होते ही संगम तट पर स्नान कर श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया, सरयू पूजन किया और बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।

मकर संक्रांति के अवसर पर बागनाथ मंदिर में सुबह तीन बजे से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा संपन्न कराए जाने के बाद श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पवित्र सरयू में स्नान और मंदिर में पूजा-अर्चना करने वालों की दिनभर भारी भीड़ रही।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों के साथ ही सरयू तट पर जल पुलिस और अग्निशमन दल की तैनाती की गई थी। मेले में आए श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक संस्कार भी संपन्न किए। नदी किनारे मुंडन संस्कार, जनेऊ संस्कार और पितरों का तर्पण किया गया। सरयू नदी के किनारे अग्निकुंड पुल से लेकर डिग्री कॉलेज मैदान तक श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला।

पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि, मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण होते हैं, इसलिए इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा विशेष पुण्यदायी मानी जाती है। सरयू–गोमती संगम में स्नान कर बाबा बागनाथ के दर्शन करने से सभी कष्टों का निवारण होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

वहीं उत्तरायणी मेले के तहत जागरण की रात नुमाइश मैदान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। उत्तरायणी मेले में पहली बार शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति की गई। जागरण की रात प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंकज उप्रेती एवं उनके सह कलाकारों ने मुख्य मंच से राग मारवा पर आधारित बागनाथ स्तुति प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इधर चौक बाजार में मेलार्थियों ने झोड़ा–चांचरी गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मकर संक्रांति के अवसर पर सरयू तट पर माघी खिचड़ी के साथ चाय का भी आयोजन किया गया। खिचड़ी प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल