विकसित उत्तराखंड विजन 2047: भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनेंगी विकास योजनाएं
हरिद्वार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विकसित उत्तराखंड विजन-2047 के तहत विभागीय स्तर पर भविष्य की योजनाओं और संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है।
इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने जिला कार्यालय सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय विजन और कार्ययोजनाओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में हुई बैठक में सीडीओ ने अधिकारियों से वर्तमान में संचालित योजनाओं के साथ भविष्य में प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि 2047 तक विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य के लिए विभाग की क्या कार्ययोजना है और विकास की नई संभावनाओं के लिए कौन से नवाचार किए जा सकते हैं।
सीडीओ ने कहा कि विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए पारंपरिक कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर नए विचार, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ काम करना होगा। सभी विभाग भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करें।
ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे आमजन के जीवन स्तर में सुधार हो, रोजगार के अवसर बढ़ें और जनपद के समग्र विकास को गति मिले।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप विकास का खाका तैयार करना जरूरी है।
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, संपर्क व्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन जैसे क्षेत्रों में दूरगामी दृष्टि से काम किया जाए।
बैठक में सीएमओ डॉ. आरके सिंह, डीईओ अभिषेक शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सतीश जोशी, महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर डॉ. सरिता नेगी, एआरटीओ निखिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला