नैनीताल में पर्यटन कारोबार में कमी, पिछले सप्ताहांत समस्याओं के बाद पर्यटकों ने बनायी दूरी

 


-हालांकि अगले सप्ताहांत में पर्यटकों के लौटने की पर्यटन व्यवसायियों को है उम्मीद

नैनीताल, 14 अक्टूबर (हि.स.)। अक्टूबर के ऑटम यानी शरदकालीन पर्यटन सीजन में नैनीताल के पर्यटन कारोबार में कमी दिखाई दे रही है। इससे स्थानीय पर्यटन व्यवसायी परेशानी महसूस कर रहे हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि आगामी सप्ताहांत पर फिर से नगर में पर्यटक लौटेंगे।

उल्लेखनीय है कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती से 4 अक्टूबर रविवार तक के लंबे सप्ताहांत पर नैनीताल एवं विशेषकर कैंची धाम में सैलानियों व श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान कैंची धाम में भीड़ और सड़कों पर जाम के बीच नैनीताल पुलिस के एक दिन में 35 हजार वाहनों के पहुंचने जैसे अविश्वसनीय दावे किये गये थे और इसके वीडियो भी वायरल हुए थे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से किराये की और बाइक टैक्सियों के विरुद्ध उनके चालन को अवैध बताकर बड़ी कार्रवाई की गयी और यहां आने के लिये पंजीकरण की व्यवस्था लागू करने की बात कही गयी।

इन स्थितियों के बीच 10-11 अक्टूबर के यानी अगले सप्ताहांत पर नैनीताल-कैंची धाम में पुलिस की सख्ती के बीच सैलानियों-श्रद्धालुओं की भारी कमी देखी गयी। यहां तक कि कैंची में आम तौर पर लगने वाली श्रद्धालुओं की न तो दर्शन के लिये लाइनें लगीं और न ही जाम लगा, यहां तक कि 10-20 गाड़ियों की कतार भी नहीं नजर आयी। अलबत्ता इस दौरान नैनीताल सहित अन्य स्थानों पर भारी बारिश, ओलावृष्टि की घटनाएं भी हुईं।

इन स्थितियों के बीच मंगलवार को नैनीताल मुख्यालय में डीएसए मैदान स्थित मुख्य कार पार्किंग का आधा हिस्सा शुरू होने जा रहे दुर्गा पूजा महोत्सव के मेले के लिये घिरने के बावजूद शेष बचा हिस्सा भी वाहनों से भरा नहीं है। वहीं नैनी झील में नौकायन और माल रोड पर सैर करने वाले सैलानियों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से कम रही है।

इन स्थितियों पर नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया कि पर्यटकों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए पहले से यातायात प्रबंधन की योजना तैयार करने की मांग की, ताकि लंबे सप्ताहांत और पर्यटन के व्यस्त दिनों में जाम की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने की बात कही गयी है, लेकिन अभी ऐसी यह व्यवस्था कब से लागू होगी, इस पर कुछ भी साफ नहीं किया गया है, लेकिन इस कारण भी सैलानी नैनीताल आने से बच रहे हैं।

वहीं एसोसिएशन के महासचिव वेद साह ने कहा कि कैंची धाम की भीड़ की रीलों के वायरल होने, दिल्ली में आंदोलन चलने, इधर नवरात्र में मांसाहारी भोजन में आने वाली कमी के साथ दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों की कम आवाजाही का असर दिख रहा है। अलबत्ता उन्होंने कहा कि आगामी सप्ताहांत पर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवकाश के साथ 17 से 20 अक्टूकर तक चार दिन का फिर लंबा सप्ताहांत आने जा रहा है। बताया कि इस दौरान की बुकिंग आ रही हैं और इस लंबे सप्ताहांत पर फिर अच्छी संख्या में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी