चारधाम यात्रा में कानून-व्यवस्था चाक चौबंद करने की तैयारी
हरिद्वार, 30 मार्च (हि.स.)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में माह अप्रैल की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। सैनिक सम्मेलन के समापन के बाद आयोजित इस बैठक में बीते माह फरवरी में जनपद हरिद्वार में घटित अपराधों, उनके अनावरण तथा लंबित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एसपी क्राइम, ट्रैफिक निशा यादव, एसपी संचार विपिन कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल सहित सभी क्षेत्राधिकारी और कोतवाली, थाना प्रभारी मौजूद रहे।
एसएसपी नवनीत सिंह ने चारधाम यात्रा, आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों, पुलिस के निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को वर्दी की गरिमा बनाए रखने और आमजन के साथ संवेदनशील व शिष्ट व्यवहार करने की भी नसीहत दी।
गोष्ठी में दिए गए प्रमुख निर्देश
सभी फायर स्टेशन अधिकारी अग्निशमन उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखें और किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें। गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की संभावना बढ़ने के मद्देनजर जवान, वाहन और उपकरण हमेशा तैयार अवस्था में रखें।
थाना प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि आग बुझाने वाले वाहनों को निर्बाध मार्ग मिले और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। अपराध होने का इंतजार न करते हुए आपराधिक तत्वों को पहले ही चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
सीओ अपने-अपने सर्किल के थानों में विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा कर लंबित मुकदमों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
रंजिश से जुड़े छोटे विवादों को गंभीरता से लेते हुए बीट अधिकारियों के माध्यम से समय रहते सुलझाया जाए। लड़ाई-झगड़े या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त असलाह धारकों के लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी जाए।चारधाम यात्रा को देखते हुए सत्यापन अभियान तेज किया जाए और शाम के समय थाना प्रभारी स्वयं क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाएं।
निर्माणाधीन थाना भवनों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। बलवा से जुड़े मामलों में तुरंत वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वाहन चोरी की घटनाओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर सक्रिय गैंगों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक टीम की मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए जाएं।पुलिसकर्मी आमजन से शालीन व्यवहार रखें और वर्दी की गरिमा बनाए रखें। अज्ञात शव मिलने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पहचान के लिए डीसीआरबी सहित अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाए, तथा हत्या के तथ्य सामने आने पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
एसएसपी ने कहा कि चारधाम और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए पुलिस को पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करना होगा, ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला