साइबर अपराध रोकने को उत्तराखंड पुलिस और दूरसंचार विभाग का साझा अभियान, फर्जी सिम पर कसेगा शिकंजा
देहरादून, 30 जुलाई (हि.स.)। साइबर अपराधों की रोकथाम, फर्जी सिम कार्डों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण और दूरसंचार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग को लेकर उत्तराखंड पुलिस और केन्द्र सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) के बीच गुरुवार को समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने की।
बैठक में साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, फर्जी एवं अनियमित सिम एक्टिवेशन पर रोक, तकनीकी समन्वय, सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त प्रवर्तन तंत्र को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही नागरिकों को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी एवं नीतिगत उपायों पर सहमति बनी।
बैठक में 'संचार साथी' पोर्टल की सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि सीईआईआर के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक, ट्रैक और बरामद होने पर अनब्लॉक कराया जा सकता है। वहीं टीएएफ-सीओपी के जरिए नागरिक अपने नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी लेकर फर्जी या अनधिकृत सिम बंद कराने का अनुरोध कर सकते हैं। चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश और डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बैठक में राज्यभर में 'संचार साथी' पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों को पोर्टल की सुविधाओं की जानकारी देकर साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय