दिल्ली प्रदर्शन में जाने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट

 


हरिद्वार, 10 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हरिद्वार में पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं ने इसे अघोषित आपातकाल बताते हुए कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को भी छीनने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस कार्यकर्ता कैश खुराना और महेश प्रताप सिंह राणा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है, लेकिन सरकार इस अधिकार को भी सीमित करने का प्रयास कर रही है।

पार्षद विवेक भूषण विक्की और दिव्यांश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को रोकने के लिए तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। इससे पहले भी किसानों के आंदोलनों के दौरान विरोध की आवाज दबाने के प्रयास किए गए थे।

वहीं, सतीश दाबडे और लक्की महाजन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला