यूनीपोल आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप, नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

 


हरिद्वार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और यूनीपोल आवंटन में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार के कार्यालय के बाहर धरना दिया। पूर्व सभासद अशोक शर्मा ने निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए यूनीपोल आवंटन और विज्ञापन ठेके की वसूली पर सवाल खड़े किए।

अशोक शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है। यूनीपोल के नाम पर कंपनियों को कथित तौर पर मुफ्त में भूमि और यूनीपोल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री के इशारे पर जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। बिना किश्त लिए यूनीपोल दिए जाने से निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का दावा भी किया।

उन्होंने कहा कि एक ठेकेदार के पास 85 यूनीपोल की अनुमति है, जबकि 165 पोल पर विज्ञापन लगे होने का आरोप है। इसके बावजूद ठेकेदार से निर्धारित किश्तें नहीं वसूले जाने का दावा किया। अशोक शर्मा के मुताबिक, दो साल के ठेके की राशि 3 करोड़ 96 लाख 61 हजार 500 रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी यह राशि जमा नहीं कर रही है।

पूर्व सभासद ने निगम कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है, जबकि करोड़ों रुपये की कथित बंदरबांट हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर निगम को बचाने के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरने के दौरान अशोक शर्मा ने आत्मदाह तक की चेतावनी देते हुए कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर पार्षद सुनील कुमार, दिनेश पुंडीर, पुनीत कुमार, वसीम सलमानी, आशु श्रीवास्तव सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला