किसान आत्महत्या मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर बाेला हमला, न्यायिक जांच और मुआवजा देने की मांग की
देहरादून, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के काशीपुर में एक युवा किसान के आत्महत्या करने के मामले में उत्तराखंड कांग्रेस ने धामी सरकार पर निर्दयी, संवेदनहीन और किसान-विरोधी होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच, दाेषी पुलिस कर्मियाें के खिलाफ केस दर्ज
करने के साथ ही पीड़ित परिवार काे पचास लाख का मुआवजा और एक परिजन काे नाैकरी देने की मांग की।
सोमवार को उत्तराखंड कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि किसान का आत्महत्या का करना
राज्य की धामी सरकार की निर्दयी, संवेदनहीन और किसान विराेधी व्यवस्था का सबसे भयावह प्रमाण है। यह केवल आत्महत्या नहीं है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की प्रताड़ना व सत्ता के अहंकार को इंगित करता है। उन्होंने कहा कि कितना लाचार, मजबूर और बेबस रहा होगा वह युवा किसान, जिसके सामने पुलिस ने न्याय के सारे दरवाजे बंद कर दिए। कितना उत्पीड़न, कितनी प्रताड़ना और कितना मानसिक आतंक झेलना पड़ा होगा उसे, जिसकी वजह से उसे अपनी जीवनलीला समाप्त करनी पड़ी।
आर्य ने कहा कि इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया, घर का चिराग बुझ गया, मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया और एक सुहागन की मांग उजड़ गई। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है, बल्कि धामी सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने केवल चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है। यह कार्रवाई पूरी तरह नाकाफी है।
यशपाल आर्य ने मांग की कि मामले की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हो, मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, किसान उत्पीड़न में लिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। आर्य ने कहा कि धामी सरकार में किसान सुरक्षित नहीं है, न्याय की कोई गारंटी नहीं है और पुलिस सत्ता के इशारों पर निर्दोषों को कुचलने का काम कर रही है। उत्तराखंड कांग्रेस इस किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और दोषियों को बेनकाब करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल