अंकिता प्रकरण: वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने की मांग, जांच और साक्ष्यों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
देहरादून, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने और मामले की जांच से जुड़े सवालों पर भाजपा से जवाब मांगा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर अंकिता मामले की जांच, कथित साक्ष्यों और रिजॉर्ट ध्वस्तीकरण की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि संबंधित रिजॉर्ट को ध्वस्त करने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया और क्या इस कार्रवाई से मामले से जुड़े साक्ष्य प्रभावित हुए।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए गए और प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास हुआ। उन्होंने अंकिता और उसके मित्र के बीच हुई कथित बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि उसमें अंकिता की सुरक्षा को लेकर चिंता तथा एक वीआईपी को सेवाएं देने के दबाव का उल्लेख होने का दावा किया गया था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया और कहा कि अंकिता प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका, जांच की दिशा और साक्ष्यों से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, वीआईपी की भूमिका, साक्ष्य नष्ट किए जाने और प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण प्रदेश की संस्कृति, अस्मिता और नारी स्वाभिमान से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी केवल उसके माता-पिता की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की है। उन्होंने मामले में सामने आए आरोपों और अंकिता के साथ कथित तौर पर बनाए गए दबाव की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की।
हरीश रावत ने कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता लगातार इस संबंध में जवाब मांगते रहे हैं। उन्होंने अंकिता की कथित अंतिम बातचीत और मृत्यु से पहले सामने आए बयानों को जांच में शामिल किए जाने की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के संदर्भ में भी कहा कि कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता के दिल्ली स्थित इंडिया गेट पहुंचने और उनके साथ कथित तौर पर हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अंकिता को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय