चरित्रवान और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित युवा बनें विद्यार्थी : बालकृष्ण
हरिद्वार, 27 जून (हि.स.)। पतंजलि विश्वविद्यालय एवं पतंजलि अनुसंधान संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक माह के ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम-2026 का आज समापन समारोह आयोजित किया गया। देश के 11 राज्यों से आए 130 छात्र-छात्राओं ने इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, भारतीय ज्ञान परंपरा और समग्र व्यक्तित्व विकास का अद्वितीय अनुभव प्राप्त किया।
समापन समारोह में पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिभागियों को संबोधित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और आधुनिक विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं। हम चाहते हैं कि यहां से जाने वाला प्रत्येक विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि चरित्रवान, शोधपरक और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित युवा बने।
मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना को साकार करता है। यहां विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल, अनुसंधान क्षमता, भारतीय ज्ञान प्रणाली और नैतिक संस्कारों का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रत्येक दिन की शुरुआत वैदिक यज्ञ और योगाभ्यास से होती थी। प्रशिक्षण के दौरान सूक्ष्मजीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव सूचना विज्ञान, औषधीय पादप, आणविक जीवविज्ञान सहित विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा व्याख्यान एवं प्रयोगात्मक सत्र आयोजित किए गए। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय को निकट से समझने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रयोगशाला कार्य, अनुशासन, योग एवं यज्ञ में सक्रिय सहभागिता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास के आधार पर चयनित पांच प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सुश्री चंद्रिका गोयल (शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा), सुश्री मेघना गुप्ता (शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा), बादल पंचाल (आईटीएम विश्वविद्यालय, भोपाल), सुश्री अर्वीतिका त्यागी (एसडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, उत्तर प्रदेश) तथा सुश्री अनन्या उनियाल (ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, उत्तराखंड) शामिल रहे। समारोह में विश्वविद्यालय एवं पतंजलि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्राध्यापक, शोधकर्ता, प्रशिक्षण समन्वयक, अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला