हर जिले में बनेगी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी, सहकारी संस्थानों को मिलेगी एक जैसी पहचान
देहरादून, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जनपद में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक मंडल में दो-दो क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी विकसित कर सहकारिता सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। यह निर्देश सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर आयोजित बैठक में मंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी स्थापित होने से प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशभर की सभी सहकारी बैंक शाखाओं और सहकारी समितियों के भवनों को एक समान रंग और स्वरूप देने के निर्देश भी दिए, ताकि सहकारिता संस्थानों की एक विशिष्ट पहचान विकसित की जा सके। साथ ही सभी सहकारी समितियों की भूमि की रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने को कहा, जिससे भविष्य में स्वामित्व संबंधी विवादों से बचा जा सके।
बैठक में डॉ. रावत ने सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए प्रशासक कार्यकाल की प्रगति, शीर्ष सहकारी संस्थाओं के कार्य, नई शीर्ष संस्थाओं के गठन, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की उपलब्धि तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ.इकबाल अहमद, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जनपदों के जिला सहायक निबंधकों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
------------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय