मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष के जश्न पर जताई आपत्ति, कहा- यह मातृशक्ति का अपमान
देहरादून, 18 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन की सराहना करते हुए इसे देश की नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया और विपक्ष के रुख की आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के वास्तविक रुख को देश के सामने उजागर किया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण संविधान संशोधन पारित नहीं हो सका, जिससे इस दिशा में प्रगति बाधित हुई है।
धामी ने कहा कि सदन में इस अहम विधेयक के पारित न होने के बाद विपक्ष द्वारा जश्न मनाना उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत करार देते हुए कहा कि ऐसा आचरण देश की मातृशक्ति का अपमान है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस स्थिति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी और भविष्य में नारी शक्ति और अधिक सशक्त होकर उभरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और इस दिशा में हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय