हरिद्वार में 600 से अधिक उद्यमियों को मिला योजना का लाभ

 


हरिद्वार, 21 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में चौपाल-2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान बताया गया कि योजना के तहत हरिद्वार जिले में अब तक 600 से अधिक उद्यमियों को जीएसटी पंजीकरण, उद्यम रजिस्ट्रेशन, फूड लाइसेंस और ट्रेडमार्क सहित विभिन्न आवश्यक सेवाओं का लाभ दिया जा चुका है।

मुख्य अतिथि रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल से जुड़े। इसके बाद विधायक चौहान और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने संयुक्त रूप से आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएगी।

विधायक आदेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का उद्देश्य हर घर तक स्वरोजगार के अवसर पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में योजना से जुड़कर अपना उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि जिले में अब तक चार हजार से अधिक लोगों का योजना के तहत नामांकन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सेवाओं के साथ मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

परियोजना निदेशक डीआरडीए नलिनी घिड़ियाल ने विभागीय योजनाओं और जिले में संचालित नई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लाउड किचन पहल के तहत 40 से अधिक महिलाओं ने अपना व्यवसाय शुरू किया है।

कार्यक्रम में जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चौपाल में 100 से अधिक युवा, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य और उद्यमी शामिल हुए।

इस अवसर पर एलडीएम दिनेश गुप्ता, परियोजना अर्थशास्त्री शैलेंद्र श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, इंक्यूबेशन मैनेजर योगेंद्र सिंह और बिजनेस प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्सपर्ट राव आशकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला